8वें वेतन आयोग के बाद प्राइवेट कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत, पीएफ और सैलरी को लेकर सरकार करने जा रही यह काम EPFO Salary Update

EPFO Salary Update: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। सरकार अब ऐसे कर्मचारियों को भी सोशल सिक्योरिटी के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है जो अभी तक पूरी तरह PF के लाभ से बाहर थे। इसके लिए Employees’ Provident Fund Organisation यानी EPFO की मंथली सैलरी लिमिट बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

क्या है EPFO मौजूदा नियम

अभी PF के लिए सैलरी लिमिट 15,000 रुपये तय है। मतलब अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15,000 रुपये से ज्यादा है तो उसके लिए PF कटवाना जरूरी नहीं होता। ऐसी स्थिति में PF कटे या न कटे, यह कर्मचारी और कंपनी की आपसी सहमति पर निर्भर करता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में प्राइवेट कर्मचारी PF के दायरे से बाहर रह जाते हैं।

अब क्या बदल सकता है

सरकार इस लिमिट को बढ़ाकर 25,000 से 30,000 रुपये तक करने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो ज्यादा सैलरी पाने वाले कर्मचारियों का PF अपने आप कटेगा और वे रिटायरमेंट के लिए बेहतर बचत कर पाएंगे। इससे खासतौर पर प्राइवेट और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलेगा।

पहले क्यों टल गया था फैसला

इससे पहले भी सरकार ने सैलरी लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उस समय कई कंपनियों ने इसका विरोध किया था। कंपनियों का कहना था कि इससे उन पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ जाएगा। वहीं कर्मचारी संगठनों की मांग है कि लिमिट सीधे 30,000 रुपये की जाए ताकि भविष्य में पेंशन और PF की रकम मजबूत हो सके।

सुप्रीम कोर्ट की भी सख्ती

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि PF की मौजूदा 15,000 रुपये की लिमिट साल 2014 में तय की गई थी। तब से अब तक सैलरी और महंगाई दोनों में काफी बढ़ोतरी हो चुकी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने श्रम मंत्रालय से कहा है कि वह इस लिमिट की समीक्षा करे और तय समय में इस पर फैसला ले।

कर्मचारियों को क्या फायदा होगा

अगर PF सैलरी लिमिट बढ़ती है तो ज्यादा कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे। इसका सीधा फायदा यह होगा कि रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों के खाते में ज्यादा पैसा जमा होगा। ज्यादा योगदान होने से कंपाउंडिंग का फायदा भी बढ़ेगा और भविष्य आर्थिक रूप से ज्यादा सुरक्षित बनेगा। साफ शब्दों में कहें तो सरकार का यह कदम प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए लंबी अवधि में बड़ी राहत साबित हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इस प्रस्ताव पर कब अंतिम फैसला लेती है।

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